Roles

Parents Role (अभिभावक की भूमिका )

बच्चें के व्यक्तित्व और उसके गुणों के निर्माण में अभिभावक की मुख्य भूमिका होती है | जैसे अभिभावक ही बच्चे में उसके व्यवहार, संघर्ष, तनाव के प्रति घर्णा, नैतिक मूल्यों के प्रति दृष्टिकोण और स्वास्थ्य की धारणा को स्थापित करते है और उसका व्यक्तित्व स्वयं ही उसका आदर्श बन जाएगा | एक अभिभावक को अपने बच्चे को संसार में किसी और की तरह नहीं बल्कि उसे इस तरह तैयार करना चाहिए कि भावी जीवन में वह किसी और का आदर्श बनें |

Society Role (समाज की भूमिका)

समाज बच्चों के विकास को प्रभावित करता है | बच्चा समाज द्वारा सबसे अधिक प्रभावित होता है जो उसके चारों ओर है | उदाहरण के लिए यदि बच्चा दुष्ट या विरोधी समाज में बड़ा होता है उसका उस पर बुरा प्रभाव पड़ता है और वह विरोधी सामाजिक व्यक्तित्व वाला होगा | इन दिनों बहुत से मार्ग है जो बच्चे के व्यवसायिक निर्णय लेने में सहायक है | जैसे टी.वी.कार्यक्रमों नाच, संगीत, वास्तविक शो और प्रशोनोतरी शो आदि |

प्रत्येक बच्चे के सपने अलग-अलग होते है (प्रत्येक बच्चा कलाकार होता है अपनी कला को अपनी प्रतिभा से समाज व अपने लिए प्रदर्शित करता है )

हम देख सकते है कि माता-पिता,अध्यापक और स्कूल , मित्र का समूह की जिम्मेवारी है कि प्रत्येक व्यक्ति समाज द्वारा बड़ा होता है | यह सुनिश्चित है कि बच्चा भविष्य में अच्छा नागरिक बनेगा |

Friend Role (मित्र की भूमिका)

अच्छे मित्र वास्तविक खजाना और लम्बे जीवन तक साथी होते है | एक मित्र ही वह पहला इंसान होता है जो अपने मित्र के सभी रहस्यों को जानता है, इसीलिए अपने सपने को अपने मित्र के साथ बाँटना ही पहला उचित कदम है और एक सच्चा मित्र वही होता है जो अपने मित्र के सपने को पूरा करने में सभी प्रयास करता है